हिप रिप्लेसमेंट एक कामयाब ऑपरेशनः पद्मश्री डॉ. संजय
देहरादून। उत्तरांचल ऑर्थोपीडिक एसोसिएशन की ओर से स्थानीय होटल हयात सेंट्रिक में हिप ट्रांसप्लांट पर आधारित एक संगोष्ठी आयोजित की गई। सगोष्ठी का उद्घाटन एसोसिएशन के संस्थापक अध्यक्ष, पद्मश्री डॉ. बी. के. एस. संजय, वर्तमान अध्यक्ष डॉ. एस. एन. सिंह एवं आयोजन सचिव डॉ. गौरव गुप्ता ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उत्तरांचल ऑर्थोपीडिक एसोसिएशन के इस अवसर पर, संस्थापक अध्यक्ष पद्मश्री, गिनीज रिकॉर्ड होल्डर प्रो. डॉ. बी. के. एस. संजय ने प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मेडिकल जर्नल द लांसेट का हवाला देते हुए कहा कि हिप रिप्लेसमेंट शताब्दी की सबसे सफल सर्जरी है। द लांसेट एक उच्च स्तर की अंतरराष्ट्रीय साप्ताहिक मेडिकल पत्रिका है, जो अपने शोधपत्रों के लिए कड़े मानक निर्धारित करती है। डॉ. संजय ने कहा कि बोन सीमेंट के अविष्कार और सर जॉन चार्नली की लो-फ्रिक्शन आर्थ्रोप्लास्टी के विकास के बाद से टोटल हिप रिप्लेसमेंट आज की क्लिनिकल दुनिया में एक सामान्य और अत्यधिक प्रभावी सर्जरी बन गई है। हालांकि भारत में यह सर्जरी विकसित देशों की तुलना में उतनी आम नहीं है। जब भी किसी मरीज को हिप रिप्लेसमेंट की सलाह दी जाती है, तो उनका पहला और महत्वपूर्ण सवाल होता है “हिप रिप्लेसमेंट कितने साल चलेगा?” यह सवाल मरीज और सर्जन दोनों के लिए अहम होता है, क्योंकि यह दीर्घकालिक परिणामों और मरीज की संतुष्टि को प्रभावित करता है।
